coronavirus is making people blind, having a major effect on economy worldwide। Corona के बाद मरीजों में हो रही ये बीमारियां, पहुंचा रही हैं अर्थव्यवस्था को चोट

नई दिल्लीः कोरोना (Covid-19) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में लोगों को कई तरह की बीमारियां हो रही हैं, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंच रही है. अब विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा है कि कोरोनावायरस की वजह से आंखों को भी काफी खतरा है, जिसकी वजह से कई लोग अंधे हो रहे हैं. ऐसे में काफी संख्या में लोग बेरोजगार हो रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देशों (Developing Countries) में आंखों की बीमारियां काफी तेजी से फैल रही हैं और इनमें से 25 फीसदी लोग अंधेपन का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में लोगों की नौकरी पर काफी संकट आ गया है. इन देशों में आंखों से जुड़ी बीमारियों का भी सही ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है. 

220 करोड़ लोग अंधेपन के शिकार

कोरोना वायरस का असर फेफड़ों सहित शरीर के अन्य अंगों के साथ ही आंखों पर भी हो रहा है. कई लोग अपनी आंखों का इलाज समय पर नहीं करा पा रहे हैं, क्योंकि अस्पतालों में इनसे जुड़ी सर्जरी नहीं हो रही है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक विश्व की आधी आबादी Myopia का शिकार हो जाएगी. फिलहाल पूरे विश्व में 220 करोड़ लोग अंधेपन के शिकार हैं. वहीं 100 करोड़ लोगों को आंखों से जुड़ी अन्य परेशानियां हैं. जैसे-जैसे विश्व की आबादी बढ़ रही है, उससे इन बीमारियों में तीन गुना तक उछाल अगले 30 सालों में हो सकता है. 

ऐसे पड़ता है इकोनॉमी पर असर
महामारी केवल स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए एक चुनौती नहीं है, यह एक सामाजिक-आर्थिक बोझ भी है. क्योंकि आंखों की देखभाल शिक्षा और व्यक्तिगत गतिशीलता (Personal Mobility) से लेकर सड़क सुरक्षा और रोजगार की संभावनाओं तक सब कुछ प्रभावित करती है.

Work From Home के चलते ड्राई आई सिंड्रोम और कंप्यूटर विजन सिंड्रोम जैसी बीमारियों में भी काफी इजाफा देखने को मिला है. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पांच ऐसे कोरोना मरीजों की जांच की गई है, जिनकी आंखें लाल हो गई थीं. इन मरीजों में आंखों से पानी आने के साथ तेज जलन की शिकायत मिली है. पांच मरीज देखे गए हैं जिनकी आंखों में बड़ी समस्या थी. विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना रोगियों में खून के थक्के बन जाते हैं. यह कहीं भी बन सकते हैं. आंखों में भी खून के थक्के बन सकते हैं. 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
नेत्रम आई फाउंडेशन की डॉक्टर अंचल गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस के साथ ही प्रदूषण आंखों के लिए बेहद हानिकारक है. इसके कारण आंखों में जलन, चुभन, आंखों से पानी आना, आंखें लाल होना तथा आंखों में फ्लू भी हो सकता है. आंखों में फुंसी निकालना, नजर का धुंधला होना इत्यादि शिकायत आती है. इनके प्रभावों को नजरंदाज ना करें.

  • इन दिनों ज्यादा से ज्यादा घर पर रहने की कोशिश करें. 
  • यदि बाहर जातें हैं तो आंखों को पानी से धोएं. बचाव के लिए चश्मा पहन सकतें हैं. 
  • आंखों को हाथ से ना छुएं. 
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें 
  • हरी सब्जियों तथा ओमेगा रिच खाने का सेवन करें. मोबाइल तथा लैपटॉप का कम से कम इस्तेमाल करें. 
  • आंखों में मेकअप और कॉन्टेक्ट लेंस ना इस्तेमाल न करें. 
  • यदि तकलीफ ज्यादा है तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से परामर्श करें.

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विशेषज्ञ, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि वायरस किसी भी तरह नुकसान आंखों को कर सकता है. 

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