Delhi Airport ने एशिया प्रशांत में हासिल की ये खास उपलब्धि, जानिए डिटेल

नई दिल्लीः दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) द्वारा संचालित किए जाने वाले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) को एक नई उपलब्धि हासिल हुई है. हवाई अड्डा पूरे एशिया प्रशांत क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन के मैनेजमेंट में लेवल 4 प्लस एक्रीडेशन प्राप्त हुआ है. डायल इस हवाई अड्डे को 2030 तक पूरी तरह से जीरो कार्बन एमीशन फ्री बन जाएगा. 

ग्रीन हाउस गैस का उचित प्रबंधन
यह एक्रीडेशन कार्बन उत्सर्जन प्रबंधन में सबसे उच्च वैश्विक मानक है, जोकि हर प्रकार के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए उपायों के लिए प्रदान किया जाता है. इसका उद्देश्य उन हवाई अड्डों के प्रबंधन को प्रोत्साहित करना है जो ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) प्रबंधन और उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों में जुटे हैं.

2009 में शुरू किया गया था प्रोग्राम
यह कार्यक्रम 2009 में शुरू किया गया था. चार स्तरीय इस प्रोग्राम में मैपिंग, दूसरा कमी, तीसरा ऑप्टीमाइजेशन और चौथा स्तर (3+) निष्पक्षता था. इसमें दिल्ली एयरपोर्ट 2016 में एशिया प्रशांत का पहला एयरपोर्ट था जिसे कार्बन न्यूट्रल एयरपोर्ट के लिए लेवल 3+, न्यूट्रलिटी (निष्पक्षता ) मानक प्राप्त हुआ था. यह उस समय की मान्यता का उच्चतम स्तर था. इसके बाद से डायल ने लगातार यह 3+ का बनाये रखा है.

2020 में, एसीआई ने इसके स्तरों को में संशोधन कर इसमें दो नए स्तर 4 (परिवर्तन) और स्तर 4+ (संक्रमण) जोड़े है. इसका उद्देश्य पेरिस समझौते के अनुरूप उवैश्विक औसत तापमान में वृद्धि को रोकना है। डायल के सीईओ विदेह कुमार जयपुरिया के मुताबिक हमारा लक्ष्य 2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन को प्राप्त करना है.

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