कैंसिल नहीं होगी दारोगा भर्ती की PT परीक्षा, इसी महीने आएगा 5 लाख परीक्षार्थियों का रिजल्ट

बिहार में बंद का उल्लंघन करने पर 24 मार्च से लेकर अबतक 127 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. (सांकेतिक फोटो)

बिहार में बंद का उल्लंघन करने पर 24 मार्च से लेकर अबतक 127 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. (सांकेतिक फोटो)

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने 5 लाख अभ्यर्थियों का संशय दूर कर दिया है. आयोग ने दारोगा भर्ती परीक्षा (Bihar Police SI Recruitment) की PT रद्द न करने की घोषणा के साथ-साथ मेन-एग्जाम, रिजल्ट और बहाली प्रक्रिया के समाप्त होने की डेडलाइन तय कर दी है.

पटना. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (Bihar Police Subordinate Services Commission) ने 5 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का संशय दूर कर दिया है. आयोग ने शनिवार को इस बात की घोषणा कर दी है कि दारोगा भर्ती की पीटी परीक्षा (Bihar Police SI Recruitment PT examination) रद्द नहीं होगी. आयोग ने साफ कर दिया है कि जांच में यह बात सामने आई है कि आरा और नवादा में कोई प्रश्नपत्र लीक (Paper Leak) नहीं हुआ था. लिहाजा आयोग ने दारोगा परीक्षा का पीटी कैंसिल नहीं करने का फैसला लिया गया है.

इसी माह रिजल्ट, मई में मुख्य परीक्षा
BPSSC ने शनिवार को दारोगा सेवा भर्ती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की. आयोग ने इस दौरान कहा कि पिछले 22 दिसंबर को बिहार के सभी जिलों में हुई दारोगा परीक्षा की पीटी का रिजल्ट इसी महीने यानी जनवरी के अंत में जारी कर दिया जाएगा. आयोग के ओएसडी अशोक कुमार ने बताया कि इस साल सितंबर तक भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. आयोग ने तय किया है कि मुख्य परीक्षा मई में होगी. आयोग ने साफ कर दिया है कि पीटी परीक्षा के दौरान 4 जिलों में 9 परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र वायरल किया था, जिनकी पहचान हो चुकी है.

पेपर लीक करने वाले 31 की पहचान हुईआयोग के ओएसडी ने बताया कि आरा, गया, खगड़िया और सासाराम के आरोपी परीक्षार्थियों की पहचान कर ली गई है. आरा और सासाराम से 4 परीक्षार्थी परीक्षा हॉल से प्रश्नपत्र लेकर भाग गए थे. आयोग ने उन 31 परीक्षार्थियों की पहचान का दावा किया है, जो उत्तरपुस्तिका की कार्बन कॉपी लेकर भागे थे. ओएसडी ने बताया कि नवादा में 3 आरोपियों को जबकि भोजपुर में भी कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आपको बता दें कि BPSSC ने दारोगा पद के लिए 22 दिसंबर को दो पालियों में परीक्षा ली थी. बिहार के 36 जिलों में इसके लिए 495 सेंटर बनाए गए थे. इसमें लगभग 5 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे. दारोगा, सार्जेंट और सहायक जेल अधीक्षक के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी.

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