भविष्य में सौरव गांगुली की राह पर चल सकते हैं शाहिद अफरीदी, कह दी ये बड़ी बात

शाहिद अफरीदी भविष्य में पीसीबी चीफ बनना चाहते हैं!

शाहिद अफरीदी भविष्य में पीसीबी चीफ बनना चाहते हैं!

शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) ने एक इंटरव्यू मं कहा कि वो पाकिस्तानी क्रिकेट को शिखर पर देखना चाहते हैं और वो इसके लिए प्रशासक बनने के लिए भी तैयार हैं

नई दिल्ली. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) अब सौरव गांगुली की राह पर चलकर अपने देश के क्रिकेट को आगे बढ़ाना चाहते हैं. जिस तरह सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष बनकर टीम इंडिया को आगे बढ़ा रहे हैं ठीक वैसे ही अफरीदी भी करना चाहते हैं. उनका कहना है कि क्रिकेट प्रशासन में आने से उन्हें कोई गुरेज नहीं हैं और भविष्य में वह इसमें हाथ आजमा सकते हैं लेकिन अभी उनका लक्ष्य यह नहीं है.

शाहिद अफरीकी बनेंगे क्रिकेट प्रशासन
अफरीदी ने कहा कि वह पाकिस्तानी क्रिकेट को शिखर पर देखना चाहेंगे और इसके लिये वह प्रशासक की जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं लेकिन अभी नहीं. इस हरफनमौला खिलाड़ी ने पीटीआई-भाषा से बात करते हुए कहा, ‘मैंने इस समय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से जुड़ने के बारे में ज्यादा नहीं सोचा, लेकिन हां, क्यों नहीं? ‘ लंका प्रीमियर लीग की ओर से कराये गये इंटरव्यू में अफरीदी ने कहा, ‘किसी दिन मैं पाकिस्तान क्रिकेट में अहम भूमिका निभाना चाहूंगा और खेल को कुछ वापस करना चाहूंगा. मैं पाकिस्तान क्रिकेट को सभी प्रारूपों में विश्व क्रिकेट में शीर्ष पर देखने के लिये कुछ भी करूंगा. ‘

अजहर अली को बर्खास्त करने के मुद्दे पर ये बोले अफरीदीपाकिस्तानी क्रिकेट के बारे में बात करते हुए अफरीदी ने बर्खास्त किये गये टेस्ट कप्तान अजहर अली के प्रति सहानुभूति दिखायी और उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से हारने के बाद ऐसा होना ही था. पूर्व कप्तान ने कहा, ‘मैं अजहर के प्रति ज्यादा कठोर नहीं होना चाहता क्योंकि उसने अपनी कप्तानी में एक विरासत बनाने की कोशिश की. ‘ उन्होंने कहा, ‘श्रीलंका के खिलाफ उनके शतक और श्रीलंका और बांग्लादेश दोनों के खिलाफ जीत के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में हार और फिर इंग्लैंड से मिली हार प्रबंधन को अच्छी नहीं लगी. ‘

बाबर आजम को टेस्ट कप्तानी दिये जाने के संबंध में उन्होंने कहा, ‘बाबर का टी20 की कप्तान का रिकार्ड भी काफी अच्छा है इसलिये उसे एक मौका देते हैं और देखते हैं कि वह दबाव से निपटने में सक्षम होता है या नहीं. ‘



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