7th Pay Commission, central govt extends pay fixation deadlines for employess for three months | 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत की खबर! ‘pay fixation’ की डेडलाइन 3 महीने के लिए बढ़ी

नई दिल्ली: 7th Pay Commission: केंद्र सरकार ने अपने केंद्रीय कर्मचारियों को एक और खुशखबरी दी है. केंद्र सरकार ने ‘pay fixation’ की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है. केंद्र सरकार ने 15 अप्रैल से पे फिक्सेशन (Pay Fixation) की समयसीमा तीन महीने के लिए बढ़ा दी है. 1 जुलाई, 2021 से महंगाई भत्ते (DA) के बहाल होने के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी सैलरी में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं.

‘Pay Fixation’ की डेडलाइन बढ़ी

वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर की ओर से सफाई के लिए जारी ऑफिस मेमोरेंडम में बताया गया है कि ‘pay fixation’ की डेडलाइन को इस MO के जारी होने के बाद से 3 महीने के लिए बढ़ाया जाता है, जो कि 15 अप्रैल है. यानी 15 अप्रैल से Pay Fixation की डेडलाइन तीन महीने बढ़ गई है. पे फिक्सेशन का तरीका लेबर डिपार्टमेंट की ओर से हाल में संशोधित किए गए नए Pay Rules के आधार पर होगा. पे फिक्सेशन की डेडलाइन का सीधा असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सातवें पे कमीशन के अनुसार सैलरी पर होगा.

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कर्मचारियों ने की थी अपील

दरअसल, कई केंद्रीय कर्मचारियों ने विभाग से डेडलाइन बढ़ाने की अपील की थी, क्योंकि वो दिए गए वक्त में उसे पूरा नहीं कर पार रहे थे, इसके केंद्र सरकार ने ये सफाई जारी  की है. ‘pay fixation’ की डेडलाइन बढ़ने के बाद केंद्रीय कर्मचारी ये चुन सकते हैं कि वो फिक्स्ड पेमेंट (fixed payment) प्रमोशन की तारीख के आधार पर चाहते हैं या इंक्रीमेंट की तारीख के आधार पर चाहते हैं. सरकारी कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति, प्रमोशन या फाइनेंशियल अपग्रेडेशन की तारीख के आधार पर 1 जनवरी या 1 जुलाई को सैलरी में सालाना बढ़ोतरी मिलती है.

क्या होता है ‘Ppay Fixation’ 

सरकार हर कर्मचारी को प्रमोशन की तारीख (Date of Promotion, DoP) या इंक्रीमेंट की अगली तारीख (Date of Next Increment, DNI) का विकल्‍प देती है. कर्मचारी जो विकल्‍प चुनता है उसे उस आधार पर फायदा होता है. यानि अगर कोई कर्मचारी फरवरी 2016 में प्रमोट हुआ, तो उसके पास ऑप्‍शन है कि वह इंक्रीमेंट 1 जुलाई 2016 से चाहता है या फिर जिस दिन वह प्रमोट हुआ उस तारीख से. पहले 10, 20 और 30 साल पर कर्मचारियों को प्रमोशन अपने आप मिलता था. उस समय एश्‍योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना थी. 7वें वेतन आयोग में इसे बदलकर मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्‍कीम यानि MACPS कर दिया गया. यह योजना 7वें वेतन आयोग के तहत लाई गई थी. इसके तहत ऐसे केंद्रीय कर्मचारियों का सालाना अप्रेजल या इंक्रीमेंट नहीं होगा, जिनका प्रदर्शन अच्‍छा नहीं है. उन्‍हीं को प्रमोशन मिलेगा, जिनका प्रदर्शन अच्‍छा है.

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