Another bank faces moratorium after lakshmi vilas bank, see if its your bank | Lakshmi Vilas के बाद इस बैंक पर लगी पाबंदियां, इसमें कहीं आपका खाता तो नहीं?

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक (RBI) ने लक्ष्मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) के बाद एक और बैंक पर पाबंदी लगा दी है. रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के जालना जिले में Mantha Urban Cooperative Bank पर पाबंदियां लगाई हैं. रिजर्व बैंक के मुताबिक इस बैंक को कुछ निर्देश दिए गए हैं, जो 17 नवंबर 2020 को बैंक बंद होने के बाद से अगले 6 महीने तक लागू रहेंगे. 

Mantha Urban Cooperative Bank पर पाबंदियां 

RBI की ओर से जारी पाबंदियों के मुताबिक Mantha Urban Cooperative Bank बिना रिजर्व बैंक की इजाजत के किसी को लोन नहीं दे सकेगा, न ही किसी पुराने लोन को रीन्यू कर सकता है. बैंक रिजर्व बैंक से पूछे बिना कहीं निवेश भी नहीं कर सकता है. बैंक पर नई जमा राशि स्वीकार करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है. बैंक न तो कोई भुगतान कर सकता है और न ही भुगतान करने का कोई समझौता कर सकेगा. हालांकि, रिजर्व बैंक ने ये पाबंदियां क्यों लगाईं है इसे नहीं उजागर किया गया है.

बैंक का कामकाज जारी रहेगा 

रिजर्व बैंक ने 13 नवंबर 2020 को बैंक में नोटिस की कॉपी लगाई थी. रिजर्व बैंक की इन पाबंदियों को बैंक के लाइसेंस कैंसिलेशन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए. बैंक इन पाबंदियों के साथ कामकाज करता रहेगा, जबतक उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हो जाती है. वक्त के साथ रिजर्व बैंक इन पाबंदियों में बदलाव करेगा. 

लक्ष्मी विलास पर भी लगी है पाबंदी 

इससे पहले वित्तीय संकट से गुजर रहे निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक पर एक महीने तक के लिए पाबंदियां लगा दी गई हैं. इस पाबंदी के चलते कोई भी खाताधारक 25,000 रुपये से ज्यादा रकम नहीं निकाल सकेगा. रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि बैंक की ओर से रिवाइवल प्लान पेश नहीं किया गया, इसलिए खाताधारकों के हितों का ध्यान रखते हुए यह फैसला किया गया है.

कोई विकल्प नहीं बचा था: RBI

रिजर्व बैंक ने कहा कि इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. इसलिए बैकिंग नियमन अधिनियम 1949 की धारा 45 के तहत केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र के बैंक पर पाबंदी लगायी है. यस बैंक के बाद इस साल मुश्किलों में फंसने वाला लक्ष्मी विलास बैंक निजी क्षेत्र का दूसरा बड़ा बैंक बन गया है. यस बैंक के ऊपर मार्च में पाबंदियां लगाई गईं थीं, सरकार ने तब SBI की मदद से यस बैंक को उबारा था. SBI ने यस बैंक के 45 परसेंट शेयर 7,250 करोड़ रुपये में खरीदे थे. 

इसके पहले पिछले साल सितंबर में रिजर्व बैंक को पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC) में घोटाले का पता चला था. जिसके बाद PMC पर कड़ी पाबंदियां लगा दी गईं थीं. रिजर्व बैंक ने 24 सितंबर 2019 को पैसे निकालने पर एक सीमा या मोरेटोरियम लगा दी थी.  

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