India’s crude oil production slips 5 pc in Nov

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देश में कच्चे तेल का उत्पादन घटा

नई दिल्ली। भारत के कच्चे तेल का उत्पादन नवंबर में पांच प्रतिशत घट गया जिसका मुख्य कारण निजी क्षेत्र की कंपनी वेदांता केयर्न द्वारा संचालित राजस्थान ऑयलफील्ड्स में उत्पादन में भारी गिरावट आना है। सरकारी आंकड़ों में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। भारत अपनी जरूरतों के 85 प्रतिशत भाग के लिए आयात पर निर्भर है और सरकार घरेलू कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने को प्रेरित कर रही है ताकि आयात में कटौती करने में मदद मिल सके। नवंबर में कच्चे तेल का उत्पादन 24.8 लाख टन का हुआ, जो एक साल पहले इसी महीने में उत्पादित 26.1 लाख टन से कम है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के तेल क्षेत्रों ने 476,990 टन कच्चा तेल यानी 9.6 प्रतिशत कम कच्चातेल उत्पादन किया। दरअसल अलग अलग कारणों से इस दौरान केयर्न ब्लॉक के मंगला, ऐश्वर्या और अन्य क्षेत्रों में कच्चे तेल का उत्पादन कम रहा। वहीं सरकारी उपक्रम तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने 1.5 प्रतिशत कम कच्चे तेल का उत्पादन किया जिसका कारण नए तेलक्षेत्रों में अनुमान से कम उत्पादन होना था। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने असम में 6.6 प्रतिशत कम तेल का उत्पादन किया।

नवंबर में गिरावट के साथ ही अप्रैल-नवंबर के दौरान, भारत का तेल उत्पादन छह प्रतिशत घटकर दो करोड़ 4 लाख टन रह गया। इस दौरान राजस्थान से कच्चे तेल का उत्पादन 16 प्रतिशत घटकर 39.1 लाख टन रह गया। देश में प्राकृतिक गैस का उत्पादन नवंबर में नौ प्रतिशत घटकर 2.3 अरब घन मीटर रह गया, जिसका मुख्य कारण पूर्वी अपतटीय क्षेत्र से उत्पादन में गिरावट आना है। ओएनजीसी के हजीरा प्रसंस्करण संयंत्र में रखरखाव और मरम्मत के लिए काम बंद होने के बाद यहां 3.7 प्रतिशत कम गैस का उत्पादन किया जा सका। अप्रैल-नवंबर के दौरान गैस का उत्पादन 18.7 अरब घन मीटर था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.8 प्रतिशत कम है।

हालांकि अर्थव्यवस्था में तेज रिकवरी से देश की 23 रिफाइनरियों द्वारा कच्चे तेल की प्रसंस्करण की स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। उन्होंने नवंबर में दो करोड़ 7.8 लाख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया, जो साल-दर-साल के आधार पर 5.11 प्रतिशत कम है। लेकिन यह अक्टूबर 2020 में 1.83 करोड़ टन कच्चे तेल की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक प्रसंस्करण को दर्शाता है। शीर्ष रिफाइनर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की नौ इकाइयों ने नवंबर के दौरान 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम किया और ऐसा ही भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की इकाइयों ने भी किया।



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